उत्तर प्रदेश संपत्ति पंजीकरण 2021 | Uttar Pradesh Registry 2021

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Uttar Pradesh Registry
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उत्तर प्रदेश संपत्ति पंजीकरण 2021 (Uttar Pradesh Registry 2021)

ज़मीन से जुड़े हुए सभी लेनदेन करते वक्त ज़मीन की रजिस्ट्री की आवश्यकता पड़ती है। रजिस्ट्री का मतलब होता है की ज़मीन को खरीदने वाले मालिक ने कानूनी तौर पर पूरे दस्तावेजों तथा सरकार के नियमों के अधीन ज़मीन को खरीदा है और इस संपत्ति पर अब उसका हक है। ज़मीन रजिस्ट्री होने से यह सुनिश्चित हो जाता है कि ज़मीन खरीदते या बेचते वक्त किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन नहीं हुआ है और कुछ भी गैरकानूनी नहीं हो रहा है।

संपत्ति के पंजीकरण के लिए दस्तावेजों की तैयारी का समय उप-पंजीयक के कार्यालय में कानूनी रूप से दर्ज किया जाता है। ज़मीन के लेन देन के समय संपत्ति रजिस्ट्री के लिए जो स्टाम्प इस्तेमाल किए जाते हैं, उनके लिए शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता होती है। उत्तर प्रदेश में संपत्ति के पंजीकरण और हस्तांतरण का प्रबंधन टिकट और पंजीकरण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाता है। अब ऑनलाइन संपत्ति रजिस्ट्री की व्यवस्था भी उपलब्ध करवाई गई है।

केंद्र और राज्य सरकारें COVID-19 से लड़ने के लिए कई उपाय कर रही हैं। सम्पूर्ण तालाबंदी के कारण संपत्ति का पंजीकरण रोक दिया गया था। दूसरी सरकारों की तरह उत्तर प्रदेश सरकार भी कुछ समय से ई-गवर्नेंस पर ध्यान केंद्रित कर रही है, हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए एक विकल्प के साथ आई। इसने एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया, जहां व्यक्ति बिना किसी परेशानी के अपनी संपत्ति का पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। ऑनलाइन संपत्ति रजिस्ट्री की यह वेबसाइट 20 अप्रैल, 2020 से कार्यात्मक है।

कोरोनोवायरस के सामाजिक भेद मानदंड और संचरण को ध्यान में रखते हुए यह एक स्वागत योग्य कदम है। अब होमबॉयर्स, बिना बाहर कदम रखे आसानी से अपने घरों के आराम से पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। यह कदम स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण कार्य में मदद करेगा, जो महामारी के कारण निलंबित कर दिया गया था। इस कदम से सरकार को राजस्व पैदा करने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश संपत्ति पंजीकरण 2021 का उद्देश्य (Uttar Pradesh Registry 2021: Objectives)

स्थाई रिकॉर्ड

एक बार संबंधित सब-रजिस्ट्रार के साथ पंजीकृत होने के बाद संपत्ति का एक स्थायी सार्वजनिक रिकॉर्ड बन जाता है। यह रिकॉर्ड हमेशा सुरक्षित रहता है, कोई दस्तावेज़ खोने की सूरत में पुनः प्राप्ति के लिए आवेदन करके दस्तावेज़ प्राप्त किए जा सकते हैं।

सार्वजनिक रिकॉर्ड

ज़मीन की रजिस्ट्री का सार्वजनिक रिकॉर्ड किसी के द्वारा भी निरीक्षण किया जा सकता है और दस्तावेज़ की एक प्रति को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। ज़मीन की रजिस्ट्री होने से किसी भी प्रकार के हानि होने की कोई गुंजाइश ही नहीं रहती।

संपत्ति का स्वामित्व

संपत्ति का स्वामित्व आम जनता को यह जानकारी प्रदान कर रहा है कि मालिक ने अपनी प्रॉपरटी खरीदार को स्थानांतरित कर दी है। अब उस ज़मीन पर दूसरी पार्टी कानूनी तौर पर हक जता सकती है।

रिकॉर्ड को सत्यापित

यदि कोई व्यक्ति संपत्ति खरीदने का इरादा रखता है, तो उप-पंजीयक कार्यालय में उपलब्ध सूचकांक द्वारा रिकॉर्ड को सत्यापित कराया जा सकता है। यहां से यह जांच की जा सकती है कि किसके नाम पर अंतिम हस्तांतरण विलेख दर्ज किया गया है।

कृषि योग्य भूमि

यदि रजिस्ट्री वाली भूमि कृषि योग्य भूमि है, तो राजस्व रिकॉर्ड को उस भूमि के खतौनी, खसौनी / खसरा और शीर्षक विलेख के रूप में देखा जा सकता है। कृषि योग्य भूमि की सारी जानकारी खतौनी, खसौनी / खसरा और शीर्षक विलेख के रूप में दर्ज होती है।

ज़मीन रजिस्ट्री के लिए उत्तर प्रदेश पंजीकरण अधिनियम

उत्तर प्रदेश पंजीकरण अधिनियम, 1908

उत्तर प्रदेश पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत दस्तावेजों के पंजीकरण की विधि, कानूनी अधिकारों और संपत्ति को प्रभावित करने वाले सभी दायित्वों तथा ज़मीन के लिए राज्य में जो कानून बनाया गया है, की सारी जानकारी प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त ज़मीन रजिस्ट्री किस कानूनी गाइडलाइन के अंतर्गत होगी की जानकारी भी प्राप्त होती है।

उत्तर प्रदेश पंजीकरण अधिनियम की धारा 17

पंजीकरण अधिनियम 1908 के अंदर ही एक धारा और जोड़ी गई है, धारा 17 । धारा 17 के तहत, ज़मीन से संबंधित सभी लेनदेन जिसमें रुपये से अधिक मूल्य के लिए अचल संपत्ति की बिक्री शामिल है, की जानकारी प्रदान की जाती है।

उत्तर प्रदेश में इन्हीं अधिनियमों के अंतर्गत ज़मीन की रजिस्ट्री की जाती है।

उत्तर प्रदेश संपत्ति पंजीकरण 2021 के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Uttar Pradesh Registry 2021: Required Documents)

  • पंजीकरण के लिए दस्तावेज़ की मूल और डुप्लिकेट कॉपी
  • प्रत्येक खरीदार, विक्रेता और सभी गवाह की दो-दो पासपोर्ट साइज फोटो
  • खरीददार, विक्रेता और सभी गवाहों के पहचान प्रमाण पत्र जैसे कि वोटर आईडी, पासपोर्ट आदि
  • निगमन के प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रतियां
  • संपत्ति रजिस्टर कार्ड जो यह सुनिश्चित करे कि संपत्ति सरकार की नहीं है (संपत्ति रजिस्टर कार्ड शहर सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त की जा सकती है।)
  • संपत्ति के निर्माण के वर्ष की नगरपालिका कर बिल की कॉपी
  • सभी पक्षों के पैन कार्ड की कॉपी
  • सभी पक्षों (खरीदार, विक्रेता और दो गवाह) के फोटो और हस्ताक्षर

उत्तर प्रदेश में स्टाम्प शुल्क (स्टैम्प ड्यूटी चार्ज का प्रकार)

स्टैंप ड्यूटी पूरी तरह से देय कानूनी कर है और किसी संपत्ति की बिक्री या खरीद के लिए एक प्रमाण के रूप में कार्य करता है।

उत्तर प्रदेश में विभिन्न लेनदेन के स्टाम्प शुल्क की दरें निम्नलिखित प्रकार हैं:-

बिक्री विलेख 7%
लीज डीड 200रु
विल 200रु
अटॉर्नी की विशेष शक्ति 100रु
नोटरी अधिनियम10रु
हलफनामा 10रु
समझौते10रु

उत्तर प्रदेश जमीन पंजीकरण 2021 के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Uttar Pradesh Registry 2021: Registration)

दोनों पार्टियां उप-पंजीयक कार्यालय के टिकट और पंजीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण सेवाओं से संबंधित आवेदन पत्र जमा कर सकती हैं। दोनों पक्ष कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं या अॉनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

समय सीमा और शुल्क लागू

  • संपत्ति पंजीकरण ज़मीन निष्पादन (execution) की तारीख से चार महीने के भीतर आवश्यक शुल्क देकर किया जाता है।
  • संपत्ति के दस्तावेजों के लिए पंजीकरण शुल्क संपत्ति के मूल्य का 1% होता है।
  • अधिकतम शुल्क 30,000 रुपये होता है।

संपत्ति रजिस्ट्री के लिए समय सीमा

समय सीमा

संपत्ति / विलेख की प्रस्तुति के बाद, यदि दोनों पक्षों के कागज़ात पूरे हों तो पंजीकरण की कार्यवाई उसी दिन पूरी कर ली जाती है।

ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया

  • उत्तर प्रदेश में संपत्ति के पंजीकरण के लिए, पंजीकरण और स्टाम्प विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://upavp.in/pages/en/other-links/departments/en-property-registration पर जाना होगा।
  • इसके बाद उत्तर-प्रदेश-संपत्ति-पंजीकरण-होम-पेज दिखाई देगा।
  • संपत्ति पंजीकरण के तहत apply विकल्प पर क्लिक करना होगा।

नया उपयोगकर्ता पंजीकरण

  • पहली बार वेबसाइट पर पंजीकरण करने के लिए, पहले से बने उपयोगकर्ता आईडी और पासवर्ड के साथ खाते में एक नई प्रविष्टि या लॉगइन शुरू करना होगा।
  • उत्तर-प्रदेश-संपत्ति-पंजीकरण-उपयोगकर्ता-पंजीकरण पर क्लिक करने के बाद अपने जिले, तहसील और रजिस्ट्रार का चयन करना होगा।
  • इसके पश्चात मोबाइल नंबर और पासवर्ड भरना होगा।
  • कैप्चा कोड दर्ज करने के बाद go ahead बटन पर क्लिक करना होगा।
  • इस तरह आवेदक का वेबसाइट पर अकाउंट खुल जाएगा।

संपत्ति रजिस्ट्री

  • वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण फॉर्म प्रदर्शित होगा।
  • दस्तावेज़ की प्रकृति का चयन करना होगा।
  • डीड प्रस्तुतकर्ता को नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
  • इसके पश्चात संपत्ति का विवरण प्रदान करना होगा जैसे कि जिले की प्रासंगिक तहसील, क्षेत्र प्रकार, ग्रामीण या शहरी भरने होंगे।
  • इसके बाद तहसीलों का उप क्षेत्र प्रकार, पहले से चयनित उप-क्षेत्र प्रकार से वार्ड, प्लॉट / भवन / कृषि भूमि से संपत्ति का प्रकार भरने होंगे।
  • संपत्ति मूल्यांकन प्रदान करने होंगे जैसे कि भवन के प्रकार का चयन करना होगा।
  • चयन करने के उपरांत next बटन पर क्लिक करना होगा।
  • आवासीय क्षेत्र और कुल क्षेत्र को भरकर स्वतंत्र भवन का विवरण और लागू उप-खंड का चयन करना होगा।

यदि कोई विचाराधीन संपत्ति से संबंधित हो तो उसकी जानकारी भी भरनी होगी।

डीड के चयन और भरे गए अन्य विवरणों के आधार पर, सॉफ्टवेयर द्वारा लागू स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की गणना हो जाती है।

  • अधिक संपत्ति जोड़ने के लिए add more property बटन पर क्लिक करने के बाद next पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद मांगे गए डाक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे।
  • इसके पश्चात deed document विकल्प का चयन करने के उपरांत save बटन पर क्लिक करना होगा।
  • फिर पन्नों की गिनती भरने के पश्चात submit बटन पर क्लिक करके आवेदन को जमा करवाना होगा।
  • इसके बाद आनलाइन ही फीस का भुगतान करना होगा।
  • आवेदन और शुल्क रसीद का प्रिंट आउट निकालकर किसी भी कार्य दिवसों पर उप-पंजीयक कार्यालय में जा सकतें हैं।

संपत्ति पंजीकरण के लिए नियुक्ति (appointment)

आनलाइन आवेदन होने के बाद उप-पंजीयक कार्यालय के टिकट और पंजीकरण विभाग में जाने के लिए वेबसाइट पर पहले एक नियुक्ति करनी होगी। एक नियुक्ति के लिए, तिथि और समय ऑनलाइन तय किए जाते हैं।

आवेदन में टाइम स्लॉट

पंजीकरण आवेदन किए जाने के बाद टाइम स्लॉट के संदर्भ के लिए एप्लिकेशन आईडी का उपयोग करके आवेदन के लिए टाइम स्लॉट बुक किया जा सकता है।

नियुक्ति के लिए आवेदन

  • आवेदक को पंजीकरण और स्टाम्प विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://igrsup.gov.in/igrsup/welcomeAction.action पर जाना होगा।
  • एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड डालने के बाद कैप्चा कोड दर्ज करके सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।
  • फिर उपलब्ध तारीख का चयन करके, निर्धारित तिथि पर उप-पंजीयक कार्यालय (एसआरओ) पर जाना होगा।

Application Verification

  • पंजीकरण प्रक्रिया उप पंजीयक कार्यालय (एसआरओ) में पूरी की जाएगी। जाँच करने के बाद उप पंजीयन अधिकारी द्वारा एसआरओ ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड वेबसाइट में ऑनलाइन विवरण अपडेट कर दिया जाएगा।
  • यदि एसआरओ आवेदन को अस्वीकार करता है, तो अस्वीकृति के कारणों के साथ रिटर्न डीड पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा।

पंजीकृत डीड

  • सफल पंजीकरण के बाद एक बार फिर, पंजीकरण प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
  • आवेदक आधिकारिक वेबसाइट में जिला नाम, तहसील नाम, ग्राम नाम और खाता संख्या या खसरा नंबर या नाम का उपयोग करके उत्तर प्रदेश में पंजीकृत किसी भी भूमि के विवरण की जांच / सत्यापन कर सकते हैं।

भू-अभिलेख ऑनलाइन

रजिस्ट्री हो जाने के पश्चात रजिस्ट्री दस्तावेज़ को आनलाइन देखने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। यह सुविधा उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के भूमि अभिलेख विभाग द्वारा प्रदान की जाती है। उपयोगकर्ता जिला और गांव के नाम से भूमि रिकॉर्ड का विवरण खोज सकते हैं।

भूमि रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन सुविधा प्राप्त होने से रजिस्ट्री में और भी ज्यादा आसानी हो गई है। भूमि रजिस्ट्री के जमीन खरीदने या बेचने वाले भूमि रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद मिली हुई तिथि और समय पर विभाग में पहुंचकर भूमि रजिस्ट्री करवा सकते हैं। बस एक बात ध्यान देने योग्य है कि ऑफिस में ज़मीन से संबंधित सारे दस्तावेज़ लेकर पहुंचना होता है, तभी भूमि की रजिस्ट्री उसी दिन हो पाती है।

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