NIRVIK Yojana 2022 (Niryat Rin Vikas Yojana): पीएम निर्यात ऋण विकास निर्विक योजना

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Niryat Rin Vikas NIRVIK Yojana
Niryat Rin Vikas NIRVIK Yojana

केंद्र सरकार की निर्विक योजना निर्यातकों के लिए शुरू की गई योजना है। इसके अंतर्गत निर्यातकों को ऋण देने का प्रावधान है। इस ऋण को निर्यात ऋण विकास योजना कहा जायेगा। यह लोन सरकार द्वारा बीमित होगा, यानि ब्याज और मूलधन का 90% इन्शुरन्स किया जायेगा। इसमें ESCG और ESIC शामिल हैं। यह लोन गारण्टी लोन होगा। यदि किसी व्यापारी के पास 80 करोड़ ₹ से कम का बकाया है, तो वैसे निर्यातकों को निर्विक योजना के तहत 60% का लोन गारण्टी दी जायेगी।

योजना का नामनिर्यात ऋण विकास निर्विक योजना
योजना की लॉन्चिंग तिथि14 सितम्बर 2019
योजना का उद्देश्यनिर्यातकों को कम ब्याज पर सुलभता से ऋण उपलब्ध करवाकर निर्यात बढ़ाना।
लाभार्थीभारतीय निर्यातक
लाभनिर्यात बढ़ने के साथ व्यापर संतुलन

 

 जून 2019 में व्यापार घटा पिछले छः महीने के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में व्यापर घाटे में 120 करोड़ डॉलर की बढोत्तरी देखने को मिली। मई माह में देश में होने वाले उत्पादों का निर्यात केवल 4% बढ़कर 3 हजार करोड़ डॉलर पहुँच पाया था। वही आयात में 4.3% की बढोत्तरी देखने को मिली। इसलिये निर्यात को बढ़ने के लिए प्रधानमंत्री ने निर्यात ऋण विकास योजना का एलान किया।

14 सितम्बर 2019 को उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने भारतीय निर्यात ऋण गारण्टी निगम के माध्यम से निर्विक योजना को लॉन्च किया। नयी निर्यात क्रेडिट इन्शुरन्स स्कीम (ECIS)  के तहत ऋण मूलधन और ब्याज दोनों के बीमा कवर प्रतिशत को वर्तमान औसत के 60% से 90% तक बढ़ाया गया है। निर्विक योजना में प्री और पोस्ट दोनों ही शिपमेंट क्रेडिट शामिल है। इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य निर्यातकों के लिए ऋण उपलब्धता और पहुँच को बढ़ाना है और व्यापार को आसान बनाना है।

एक्सपोर्ट गारण्टी कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया बीमा कवर के साथ-साथ बैंकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगा। क्योंकि उधारकर्ता के क्रेडिट एए रेटेड खाते में बढाई जायेगी। बढ़े हुए कवर से यह सुनिश्चित होगा कि निर्यातकों के लिए निर्यात ऋण दर 4% से 8% के बीच रहेगी।

पीएम निर्यात ऋण विकास निर्विक योजना

  • इस योजना से निर्यात में वृद्धि होगी।
  • निर्यात क्षेत्रों में कंपनीयों में प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी।
  • आसान ऋण और बीमा योजना से व्यापार करने म सुविध होगी।
  • सरकार द्वारा निर्यात प्रोत्साहन से व्यपारी लोग निर्यात क्षेत्र की ओर उन्मुख होंगे।

 Niryat Rin Vikas NIRVIK Yojana 2022: Benefits

  • निर्यात ऋण विकास योजना ECGC प्रक्रियाओं को निर्यात के अनुकूल बना देगी।
  • यह योजना भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता करेगी।
  • निर्यातकों के लिए ऋण उपलब्धता में वृद्धि करेगी।
  • दावों को तुरंत निपटाने के कारण पूंजीगत राहत, कम प्रावधान की जरुरत और तरलता के कारण बीमा कवर में ऋण की लागत में कमी आने का आसार है।
  • निर्यात ऋण विकास योजना निर्यात क्षेत्र के लिए समय पर और पर्याप्त कार्यशील पूंजी सुनिश्चित करेगा।

पीएम निर्यात ऋण विकास निर्विक योजना के मुख्य विशेषताएँ

  • 80 करोड़ ₹ से कम के सीमा वाले खाते के लिए प्रीमियम दर 0.06% प्रत्येक साल और मद्ध्यम रूप से 80 करोड़ ₹ से अधिक वाले के लिए 0.72%  प्रति वर्ष होगी।
  • बीमा के तहत मूलधन और ब्याज के 90% तक कवर किया जायेगा।
  • बढे हुए कवर से यह सुनिश्चित होगा कि निर्यातकों के लिए विदेशी और रुपये निर्यात ऋण का ब्याज दर 4% से 8% के बीच होगा।
  • निर्यात ऋण विकास योजना के तहत 80 करोड़ ₹ अधिक सीमा वाले उधारकर्ताओ के ऊपर रत्न आभूषण और हीरे (GJD) के क्षेत्र में उच्च हानि दर के कारण इस श्रेणी के Non GJD क्षेत्र की तुलना में अधिक प्रीमियम दर होगी।
  • बीमा कवर में प्री और पोस्ट Shipment Credit दोनों सम्मिलित होंगे।
  • बैंक ECGC को मासिक मूलधन और ब्याज पर एक प्रीमियम का भुगतान करेंगे। क्योंकि क्योंकि दोनों बकायो के लिए कवर की पेशकश की जा रही है।
  • यह ECGC के अधिकारियो के द्वारा बैंक के दस्तावेजों और अभिलेखों के निरीक्षण को वर्तमान में 1 करोड़ ₹ के मुकाबले 10 करोड़ ₹ से अधिक घाटे के लिये जरुरी बनाता है।
  • इस योजना के तहत निर्यातकों को भारतीय मुद्रा में मिलने वाला कर्ज , जो अभी तक 9 से 11 प्रतिशत के बीच मिलता था, वो अब 7.5% की दर से मिलेगा। इसी तरह विदेशी मुद्रा में मिलने वाला कर्ज 4 से 5 फीसदी में मिलने वाला कर्ज अब 3.5% की दर पर दिया जायेगा। सस्ता कर्ज मिलने से निर्यातकों के उत्पादन लागत में कमी आयेगा।
  • निर्यातकों को एक्सपोर्ट क्रेडिट गारण्टी कारपोरेशन ऑफ़ इंफिया द्वारा दिए जाने वाले कर्ज पर इन्शुरन्स की सीमा बढा दिया गया है।
  • एक्सपोर्ट क्रेडिट गारण्टी कारपोरेशन की ओर से इन्शुरन्स सीमा बढ़ाने के बाद बैंकों का भरोसा बढ़ेगा। ऐसे में बैंक आसानी से लोन देने के लिए आगे आएंगे।
  • सस्ते कर्ज से निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। सरकार के इस योजना से निर्यातकों को करीब 30 लाख ₹ का सहारा मिलेगा। इससे अर्थव्यवस्था में रोजगार और निवेश बढ़ेगा।
सरकारी योजना Listप्रधानमंत्री सरकारी योजना

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